वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट क्या करें? जानें बचाव, डाइट और दवाओं से जुड़ी जरूरी बातें

वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट क्या करें

मौसम बदलने के साथ वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। लेकिन जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी बीमारी है, उनके लिए बुखार और संक्रमण को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है। वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट को अपनी सेहत पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है, क्योंकि संक्रमण के दौरान शरीर पर अतिरिक्त तनाव पड़ सकता है।

Cardiac surgeon in Indore डॉ. सुधांशु जे. अग्निहोत्री के अनुसार कुछ वायरल संक्रमण, खासकर फ्लू जैसे संक्रमण, हृदय रोग से जूझ रहे लोगों में गंभीर complications का जोखिम बढ़ा सकते हैं।

वायरल फीवर हृदय रोगी के लिए क्या खतरनाक है?

वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट के लिए केवल शरीर का तापमान बढ़ना ही चिंता का विषय नहीं है। तेज बुखार, कमजोरी, पानी की कमी, तेज धड़कन और संक्रमण से होने वाली सूजन शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। खासकर heart failure, coronary artery disease या rhythm problem वाले मरीजों को अधिक सावधानी रखनी चाहिए।

बुखार के साथ अगर सांस फूलना, सीने में दर्द, बहुत ज्यादा कमजोरी, बेहोशी जैसा महसूस होना या दिल की धड़कन असामान्य रूप से तेज या अनियमित हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट

क्या वायरल फीवर हार्ट को नुकसान पहुंचा सकता है?

हर वायरल फीवर सीधे हार्ट को नुकसान पहुंचाए, ऐसा जरूरी नहीं है। लेकिन कुछ viral infections दुर्लभ मामलों में heart muscle में inflammation यानी myocarditis पैदा कर सकते हैं। इससे सांस फूलना, सीने में दर्द, थकान या तेज और अनियमित heartbeat जैसे लक्षण हो सकते हैं।

इसलिए वायरल बुखार में हार्ट पेशेंट को नए या असामान्य cardiac symptoms को सिर्फ बुखार की वजह मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

हार्ट पेशेंट वायरल फीवर से कैसे बचे?

वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट के लिए बचाव का सबसे अच्छा तरीका infection से बचने वाली सामान्य सावधानियों को अपनाना है। हाथों की नियमित सफाई रखें, बीमार व्यक्ति के बहुत नजदीकी संपर्क से बचें और पर्याप्त आराम करें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत के अनुसार सावधानी रखें।

यदि किसी व्यक्ति को flu या अन्य वायरल infections से गंभीर complications का जोखिम है, तो डॉक्टर से appropriate vaccination के बारे में सलाह लेना भी उपयोगी हो सकता है।

बुखार होने पर शरीर में पानी की कमी न होने दें। हालांकि heart failure जैसे कुछ मामलों में fluid intake की सीमा डॉक्टर द्वारा तय की जा सकती है, इसलिए ऐसे मरीज अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही पानी और अन्य fluids लें।

वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट क्या खाना चाहिए

वायरल फीवर में हृदय रोगी को क्या खाना चाहिए?

वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट को हल्का, आसानी से पचने वाला और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। घर का बना ताजा भोजन, दाल, खिचड़ी, हरी सब्जियां, मौसमी फल और जरूरत के अनुसार हल्के protein sources diet में शामिल किए जा सकते हैं।

बहुत ज्यादा तला-भुना, अत्यधिक नमक वाला, packaged या processed food और बहुत अधिक sugary drinks से बचना बेहतर है। Heart patients के लिए balanced और heart-friendly diet सामान्य दिनों में भी महत्वपूर्ण रहती है।

भूख कम लग रही हो तो एक साथ बहुत ज्यादा खाने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन लिया जा सकता है।

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क्या वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट के लिए बाहर का पानी पीना ठीक है?

वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट को पीने के लिए साफ और सुरक्षित पानी ही लेना चाहिए। बाहर का पानी तभी लें जब उसकी cleanliness और safe drinking source पर भरोसा हो। संदिग्ध या अस्वच्छ पानी से infection और पेट संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।

लेकिन यह भी याद रखें कि हर heart patient के लिए पानी की मात्रा समान नहीं होती। Heart failure या अन्य ऐसी स्थिति में जहां fluid restriction दी गई हो, पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही रखें।

वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट मेडिकल की गोली

क्या वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट मेडिकल की गोली खा सकता है?

वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट को अपनी मर्जी से कोई भी fever या pain medicine शुरू नहीं करनी चाहिए। खासकर यदि मरीज पहले से BP, heart failure, blood thinner या अन्य cardiac medicines ले रहा है, तो नई दवा लेने से पहले डॉक्टर या pharmacist से सलाह लेना जरूरी है।

अपनी prescribed heart medicines को भी बिना डॉक्टर की सलाह के बंद नहीं करना चाहिए। दवाओं के बीच interaction हो सकता है, इसलिए डॉक्टर को बताएं कि आप कौन-कौन सी heart medicines और अन्य medicines ले रहे हैं।

कुछ painkillers, जैसे ibuprofen या naproxen, कुछ heart-failure patients के लिए समस्या पैदा कर सकते हैं। इसलिए over-the-counter medicine को भी बिना सलाह के लेना उचित नहीं है।

वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट - Medical Advice by Dr. Sudhanshu

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट को बुखार के साथ सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, बेहोशी, बहुत तेज या अनियमित धड़कन, अचानक कमजोरी या पहले से मौजूद heart symptoms के बढ़ने पर तुरंत medical evaluation लेना चाहिए। ऐसे लक्षणों में देरी करना उचित नहीं है। Myocarditis जैसी स्थितियों में शुरुआती पहचान और उपचार महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

Indore के cardiac surgeon Dr. Sudhanshu J. Agnihotri के अनुसार, heart disease वाले मरीजों को viral fever के दौरान अपनी नियमित medicines, hydration, diet और symptoms पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सबसे जरूरी बात है कि बुखार को हल्के में न लें और जरूरत पड़ने पर समय पर medical advice लें।

निष्कर्ष

वायरल फीवर में हार्ट पेशेंट को घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन लापरवाही से भी बचना चाहिए। पर्याप्त आराम, सुरक्षित पानी, संतुलित भोजन, infection से बचाव और डॉक्टर की सलाह के अनुसार medicines लेना recovery में मदद कर सकता है। यदि बुखार के साथ कोई नया या गंभीर heart-related symptom दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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