हार्ट सर्जरी से पहले होने वाले टेस्ट के बारे में जानिए कार्डियक सर्जन डॉ. सुधांशु जे. अग्निहोत्री से
हार्ट सर्जरी का नाम सुनते ही मरीज और परिवार के मन में कई सवाल आ जाते हैं। घबराहट होना स्वाभाविक है, लेकिन सही जानकारी और सही तैयारी सर्जरी को अधिक सुरक्षित बनाती है। हार्ट सर्जरी से पहले होने वाले टेस्ट इसी तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। इन जांचों के माध्यम से डॉक्टर हृदय, फेफड़ों, किडनी और पूरे शरीर की स्थिति को समझते हैं ताकि सर्जरी के दौरान और बाद में किसी भी तरह का जोखिम कम किया जा सके।
सीनियर कार्डियक सर्जन डॉ. सुधांशु जे. अग्निहोत्री के अनुसार, “सही जांच और सही प्लानिंग ही सफल हार्ट सर्जरी की नींव है। मरीज जितनी गंभीरता से प्री-ऑपरेटिव टेस्ट कराता है, उतनी ही सर्जरी सुरक्षित और सुचारु होती है।”

हार्ट सर्जरी से पहले होने वाले टेस्ट क्यों जरूरी हैं?
कई लोग सोचते हैं कि जब सर्जरी तय हो गई है, तो इतनी जांचों की क्या जरूरत है? दरअसल, हार्ट सर्जरी से पहले होने वाले टेस्ट डॉक्टर को यह समझने में मदद करते हैं कि:
- हृदय की पंपिंग क्षमता कितनी है
- ब्लॉकेज कहाँ और कितनी है
- शरीर के अन्य अंग जैसे किडनी या फेफड़े सही काम कर रहे हैं या नहीं
- मरीज को एनेस्थीसिया देने में कोई जोखिम तो नहीं
इन सभी जानकारियों के आधार पर सर्जरी की रणनीति तय की जाती है।
हार्ट सर्जरी से पहले होने वाले टेस्ट – कौन-कौन से होते हैं?
आइए विस्तार से समझते हैं कि आमतौर पर कौन से टेस्ट किए जाते हैं:
1. ब्लड टेस्ट (Blood Tests)
ब्लड टेस्ट से संक्रमण, शुगर लेवल, हीमोग्लोबिन, किडनी और लिवर फंक्शन की जानकारी मिलती है। अगर शरीर में कोई छुपी हुई समस्या है, तो वह पहले ही पता चल जाती है। यह हार्ट सर्जरी से पहले होने वाले टेस्ट का आधारभूत हिस्सा है।

2. ईसीजी (ECG)
ECG से हृदय की धड़कन और उसकी लय (Rhythm) का पता चलता है। अगर हार्ट बीट अनियमित है या पहले हार्ट अटैक हुआ है, तो वह भी ECG में दिखाई देता है।
3. 2D ईको (2D Echo)
2D Echo से हृदय की पंपिंग क्षमता (Ejection Fraction) और वाल्व की स्थिति का आकलन किया जाता है। इससे यह पता चलता है कि दिल कितनी प्रभावी तरीके से खून पंप कर रहा है।
4. चेस्ट एक्स-रे (Chest X-ray)
इससे फेफड़ों की स्थिति और हृदय के आकार का पता चलता है। अगर फेफड़ों में संक्रमण या सूजन है, तो डॉक्टर पहले उसका इलाज करते हैं।
5. कोरोनरी एंजियोग्राफी (Coronary Angiography)
यह जांच हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज को स्पष्ट रूप से दिखाती है। बायपास सर्जरी या एंजियोप्लास्टी की योजना इसी रिपोर्ट के आधार पर बनाई जाती है।
इन सभी हार्ट सर्जरी से पहले होने वाले टेस्ट का उद्देश्य सर्जरी को अधिक सुरक्षित बनाना है।

क्या सभी मरीजों को ये टेस्ट करवाने जरूरी हैं?
हाँ, अधिकांश मामलों में ये जांच आवश्यक होती हैं। हालांकि, मरीज की उम्र, बीमारी की गंभीरता और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर कुछ अतिरिक्त टेस्ट भी सुझाए जा सकते हैं। उदाहरण के लिए:
- CT Scan
- Pulmonary Function Test
- थायरॉइड या अन्य हार्मोनल जांच
डॉक्टर जो भी सलाह दें, उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न
1. क्या हार्ट सर्जरी से पहले टेस्ट दर्दनाक होते हैं?
अधिकांश टेस्ट जैसे ब्लड टेस्ट, ECG, 2D Echo और X-ray बिल्कुल सामान्य और सुरक्षित होते हैं। एंजियोग्राफी में हल्का असहज महसूस हो सकता है, लेकिन यह प्रशिक्षित विशेषज्ञ की निगरानी में सुरक्षित तरीके से की जाती है।
2. क्या इन टेस्ट के बिना सर्जरी हो सकती है?
नहीं। हार्ट सर्जरी से पहले होने वाले टेस्ट के बिना सर्जरी करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि डॉक्टर को पूरी जानकारी नहीं मिलेगी।
3. इन जांचों में कितना समय लगता है?
अधिकांश टेस्ट एक-दो दिनों में पूरे हो जाते हैं। कुछ मामलों में रिपोर्ट तुरंत मिल जाती है।
4. क्या टेस्ट के बाद तुरंत सर्जरी होती है?
यह मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। अगर सभी रिपोर्ट सामान्य हैं, तो सर्जरी जल्दी शेड्यूल की जा सकती है।
सही तैयारी = सुरक्षित सर्जरी
हार्ट सर्जरी केवल ऑपरेशन थिएटर में होने वाली प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसकी तैयारी कई दिन पहले से शुरू हो जाती है। हार्ट सर्जरी से पहले होने वाले टेस्ट डॉक्टर को संभावित जटिलताओं का अनुमान लगाने और उन्हें पहले से नियंत्रित करने का मौका देते हैं।
डॉ. सुधांशु जे. अग्निहोत्री बताते हैं कि कई बार मरीज टेस्ट को हल्के में लेते हैं या टालने की कोशिश करते हैं, जिससे अनावश्यक जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि हर जांच आपकी सुरक्षा के लिए है।

मरीजों के लिए जरूरी सलाह
- डॉक्टर द्वारा बताई गई सभी जांच समय पर करवाएं
- शुगर और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें
- धूम्रपान और शराब से परहेज करें
- किसी भी दवा की जानकारी डॉक्टर को जरूर दें
जब मरीज और डॉक्टर मिलकर पूरी तैयारी करते हैं, तब सर्जरी की सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
निष्कर्ष
संक्षेप में कहें तो हार्ट सर्जरी से पहले होने वाले टेस्ट सर्जरी की सफलता की कुंजी हैं। ये जांच न केवल जोखिम को कम करती हैं, बल्कि डॉक्टर को बेहतर योजना बनाने में भी मदद करती हैं। सही जानकारी, सही जांच और अनुभवी सर्जन का मार्गदर्शन — यही सुरक्षित और सफल हार्ट सर्जरी का मूल मंत्र है।
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य हार्ट सर्जरी की तैयारी कर रहा है, तो घबराएं नहीं, बल्कि पूरी जानकारी लेकर सही निर्णय लें। जागरूकता ही सुरक्षा है।

