क्या एंजियोप्लास्टी के बाद दवाइयाँ बंद की जा सकती हैं? जानिए हार्ट एक्सपर्ट के जवाब

एंजियोप्लास्टी के बाद दवाइयाँ - Cardiac Surgeon Dr. Sudhanshu J Agnihotri

हार्ट से जुड़ी बीमारियों के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में एंजियोप्लास्टी (Angioplasty) और स्टेंट (Stent) जैसी प्रक्रियाएँ लाखों लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही हैं। लेकिन इलाज के बाद मरीजों और उनके परिवार के मन में कई सवाल उठते हैं, जैसे—क्या अब दवाइयाँ बंद की जा सकती हैं? क्या सामान्य जीवन जिया जा सकता है? कितने स्टेंट लगाए जा सकते हैं? और कब बाईपास सर्जरी की जरूरत पड़ती है?

इंदौर के वरिष्ठ कार्डियक सर्जन डॉ. सुधांशु जे. अग्निहोत्री का कहना है कि सफल एंजियोप्लास्टी के बाद भी मरीज की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए डॉक्टर की सलाह, नियमित दवाइयाँ, संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद आवश्यक है।

क्या एंजियोप्लास्टी के बाद दवाइयाँ बंद कर देनी चाहिए

1. क्या एंजियोप्लास्टी के बाद दवाइयाँ बंद कर देनी चाहिए?

नहीं। यह सबसे बड़ी गलतफहमी है कि स्टेंट लगने के बाद दवाइयों की जरूरत नहीं रहती।

Angioplasty के बाद डॉक्टर आमतौर पर ब्लड थिनर, कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाइयाँ, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ की दवाइयाँ मरीज की स्थिति के अनुसार लिखते हैं। इनका उद्देश्य स्टेंट को सुरक्षित रखना, दोबारा ब्लॉकेज बनने का जोखिम कम करना और भविष्य में हार्ट अटैक की संभावना घटाना होता है।

डॉ. सुधांशु जे. अग्निहोत्री सलाह देते हैं कि बिना डॉक्टर की अनुमति के किसी भी दवा को बंद करना गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।

2. एंजियोप्लास्टी और स्टेंट में आखिर क्या अंतर होता है?

अक्सर लोग Angioplasty और Stent को एक ही चीज़ समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग हैं।

  • एंजियोप्लास्टी एक उपचार प्रक्रिया है, जिसमें ब्लॉक हुई हार्ट की धमनी को एक छोटे बैलून की मदद से खोला जाता है।
  • स्टेंट एक छोटी धातु की जाली (Metal Mesh Tube) होती है, जिसे धमनी के अंदर लगाया जाता है ताकि वह दोबारा संकरी न हो।

सरल शब्दों में कहें तो Angioplasty इलाज की प्रक्रिया है और स्टेंट उस प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाला उपकरण है।

जानिए एंजियोप्लास्टी के बाद दवाइयाँ कब तक लेनी चाहिए

3. हार्ट में अधिकतम कितने स्टेंट लगाए जा सकते हैं?

इसका कोई निश्चित आंकड़ा नहीं है। स्टेंट की संख्या मरीज की धमनियों में ब्लॉकेज की संख्या, स्थान, लंबाई और गंभीरता पर निर्भर करती है।

कुछ मरीजों में केवल एक स्टेंट पर्याप्त होता है, जबकि कुछ मामलों में दो, तीन या उससे अधिक स्टेंट लगाने की आवश्यकता पड़ सकती है।

यदि ब्लॉकेज बहुत अधिक, जटिल या कई प्रमुख धमनियों में हो, तो केवल स्टेंट पर्याप्त नहीं होता और डॉक्टर बाईपास सर्जरी की सलाह दे सकते हैं।

एंजियोप्लास्टी के बाद दवाइयाँ बंद कर देनी चाहिए

4. एंजियोग्राफी और CT स्कैन में क्या फर्क है?

दोनों जांचों का उद्देश्य हार्ट की स्थिति का मूल्यांकन करना है, लेकिन दोनों अलग-अलग परिस्थितियों में उपयोग की जाती हैं।

एंजियोग्राफी

  • यह एक इनवेसिव (Invasive) जांच है।
  • इसमें कैथेटर के माध्यम से हार्ट की धमनियों में डाई डालकर ब्लॉकेज देखा जाता है।
  • यदि जरूरत हो तो उसी समय एंजियोप्लास्टी भी की जा सकती है।

CT कोरोनरी एंजियोग्राफी

  • यह एक नॉन-इनवेसिव (Non-Invasive) जांच है।
  • इसमें शरीर के अंदर कैथेटर नहीं डाला जाता।
  • शुरुआती जांच या कम जोखिम वाले मरीजों में यह उपयोगी हो सकती है।

कौन-सी जांच आपके लिए बेहतर रहेगी, इसका निर्णय कार्डियोलॉजिस्ट आपकी मेडिकल स्थिति के अनुसार करते हैं।

एंजियोप्लास्टी के बाद कैसा खानपान

5. एंजियोप्लास्टी के बाद कैसा खानपान रखना चाहिए?

सिर्फ स्टेंट लगवा लेना ही पर्याप्त नहीं है। यदि खानपान में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में दोबारा ब्लॉकेज बनने का खतरा बढ़ सकता है।

Angioplasty के बाद इन बातों का ध्यान रखें—

  • ताजे फल और हरी सब्जियों का अधिक सेवन करें।
  • साबुत अनाज और हाई-फाइबर भोजन लें।
  • कम तेल और कम नमक वाला भोजन चुनें।
  • जंक फूड, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड से बचें।
  • धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें।
  • पर्याप्त पानी पिएँ और वजन नियंत्रित रखें।

संतुलित आहार के साथ नियमित हल्की एक्सरसाइज भी हार्ट को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

हार्ट के लिए बाईपास सर्जरी - एंजियोप्लास्टी

6. हार्ट के लिए बाईपास सर्जरी कब ज़रूरी हो जाती है?

हर मरीज का इलाज स्टेंट से संभव नहीं होता।

डॉ. सुधांशु जे. अग्निहोत्री के अनुसार निम्न परिस्थितियों में बाईपास सर्जरी अधिक लाभदायक हो सकती है—

  • जब तीन या अधिक प्रमुख धमनियों में गंभीर ब्लॉकेज हो।
  • लेफ्ट मेन कोरोनरी आर्टरी में गंभीर रुकावट हो।
  • डायबिटीज़ के साथ मल्टी-वेसल डिजीज हो।
  • स्टेंट लगाने के बाद भी बार-बार ब्लॉकेज हो रहा हो।
  • ब्लॉकेज की संरचना इतनी जटिल हो कि एंजियोप्लास्टी सुरक्षित या प्रभावी न हो।

उचित उपचार का निर्णय जांच रिपोर्ट और मरीज की संपूर्ण स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर लिया जाता है।

7. क्या AFib (Atrial Fibrillation) भी दिल की बीमारी मानी जाती है?

हाँ। AFib यानी Atrial Fibrillation दिल की धड़कन से जुड़ा एक सामान्य लेकिन गंभीर विकार है।

इसमें हृदय की धड़कन अनियमित और कई बार बहुत तेज़ हो जाती है। यदि समय पर इलाज न किया जाए तो स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर और अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।

यदि आपको बार-बार धड़कन तेज महसूस हो, सांस फूलने लगे, चक्कर आए या अत्यधिक थकान हो, तो तुरंत हार्ट विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।

एंजियोप्लास्टी और स्टेंट Cardiac Surgeon Dr. Sudhanshu J Agnihotri

8. एंजियोप्लास्टी और स्टेंट लगाने के बाद जीवन कैसा होता है?

अधिकांश मरीज उचित देखभाल के साथ सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।

इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण आदतें अपनानी चाहिए—

  • डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयाँ नियमित लें।
  • समय-समय पर फॉलो-अप करवाएँ।
  • ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखें।
  • रोज़ाना डॉक्टर की सलाह अनुसार व्यायाम करें।
  • तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें।
  • धूम्रपान व तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाए रखें।

सही जीवनशैली अपनाने से स्टेंट लंबे समय तक अच्छी तरह कार्य कर सकता है और भविष्य में हार्ट संबंधी जटिलताओं का जोखिम भी कम हो सकता है।

निष्कर्ष

Angioplasty हार्ट की बीमारी का प्रभावी उपचार है, लेकिन यह स्वस्थ जीवन की शुरुआत है, अंत नहीं। दवाइयाँ समय पर लेना, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, फॉलो-अप और डॉक्टर की सलाह का पालन करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना सफल उपचार।

यदि आपको एंजियोप्लास्टी, स्टेंट, बाईपास सर्जरी या किसी अन्य हार्ट संबंधी समस्या को लेकर कोई शंका है, तो स्वयं निर्णय लेने के बजाय अनुभवी कार्डियक सर्जन डॉ. सुधांशु जे. अग्निहोत्री से सलाह अवश्य लें। सही समय पर सही इलाज और सही जीवनशैली आपके हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखने की सबसे प्रभावी कुंजी है।

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