हार्ट अटैक के रिस्क को कम करें। अपनाएं ये 5 आदतें
आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में हार्ट अटैक केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। कम उम्र के लोग भी हृदय संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। अच्छी बात यह है कि सही जीवनशैली अपनाकर हम हार्ट अटैक के रिस्क को काफी हद तक कम कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रोज़मर्रा की छोटी लेकिन सही आदतें दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकती हैं।
प्रख्यात कार्डियक सर्जन डॉ. सुधांशु जे. अग्निहोत्री के अनुसार, “हार्ट अटैक अचानक नहीं होता, यह वर्षों की गलत जीवनशैली का परिणाम होता है। यदि हम समय रहते सुधार कर लें, तो 60 से 70% हार्ट अटैक के रिस्क को रोका जा सकता है।” आइए जानते हैं वे 5 जरूरी आदतें जो आपके दिल की सुरक्षा कर सकती हैं।
1. घर का खाना खाएं
बाहर का तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड हमारे दिल के लिए खतरनाक हो सकता है। इनमें ट्रांस फैट, ज्यादा नमक और शुगर होती है, जो कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर बढ़ाती है।
घर का ताजा और संतुलित भोजन — जैसे दाल, हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और कम तेल वाला खाना — दिल को मजबूत बनाता है। यदि आप नियमित रूप से पौष्टिक आहार लेते हैं, तो यह आदत अकेले ही हार्ट अटैक के खतरे को कम करने की दिशा में बड़ा कदम हो सकती है।
2. स्ट्रेस फ्री लाइफ जिए
लगातार मानसिक तनाव शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ाता है, जिससे ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल बढ़ सकता है। यही कारण है कि लंबे समय तक तनाव में रहने वाले लोगों में दिल की बीमारी का खतरा ज्यादा होता है।
ध्यान, योग, प्राणायाम, परिवार के साथ समय बिताना और पर्याप्त आराम मानसिक तनाव को कम करते हैं। जब आप तनाव को नियंत्रित करते हैं, तो आप वास्तव में हार्ट अटैक के रिस्क को कम करने की दिशा में काम कर रहे होते हैं।
3. पर्याप्त नींद लें
नींद केवल आराम नहीं है, बल्कि यह दिल के लिए जरूरी मरम्मत का समय है। 7 से 8 घंटे की गहरी नींद दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखती है।
नींद की कमी से हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और डायबिटीज का खतरा बढ़ता है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक का कारण बन सकता है अगर आप रोज़ पर्याप्त नींद लेते हैं, तो यह आदत भी हार्ट अटैक के रिस्क को कम करने में अहम भूमिका निभाती है।
4. रोज 40 से 45 मिनट एक्सरसाइज करें
व्यायाम दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है। रोजाना 40 से 45 मिनट तेज चाल से चलना, साइक्लिंग, योग या हल्की दौड़ आपके दिल को स्वस्थ रख सकती है।
एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाने से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। नियमित व्यायाम के जरिए आप सचमुच हार्ट अटैक के रिस्क को कम करने की दिशा में ठोस कदम उठा सकते हैं।
5. अल्कोहल और स्मोकिंग का सेवन न करें
धूम्रपान धमनियों को संकुचित करता है और खून को गाढ़ा बनाता है, जिससे क्लॉट बनने की संभावना बढ़ती है। अल्कोहल का अधिक सेवन भी ब्लड प्रेशर और हृदय की धड़कन पर बुरा असर डालता है।
यदि आप इन दोनों आदतों से दूरी बना लेते हैं, तो यह फैसला आपके दिल को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभाता है और हार्ट अटैक के रिस्क को कम करने में मदद करता है।
जीवनशैली में बदलाव क्यों जरूरी है?
दिल की बीमारी अचानक नहीं होती। यह वर्षों तक गलत खानपान, तनाव और लापरवाही का परिणाम होती है। यदि समय रहते इन 5 आदतों को अपना लिया जाए, तो हम वास्तव में हार्ट अटैक के खतरे को कम कर सकते हैं।
कार्डियक सर्जन डॉ. सुधांशु जे. अग्निहोत्री बताते हैं कि जिन मरीजों ने अपनी जीवनशैली सुधारी, उनमें हार्ट अटैक की संभावना काफी कम देखी गई है।
अक्सर पर पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न
1. क्या हार्ट अटैक पूरी तरह रोका जा सकता है?
पूरी तरह रोकना हर मामले में संभव नहीं है, लेकिन सही जीवनशैली से 60–70% तक जोखिम कम किया जा सकता है।
2. हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
सीने में दर्द, सांस फूलना, पसीना आना, उल्टी जैसा महसूस होना और बाएं हाथ में दर्द आम संकेत हो सकते हैं।
3. क्या केवल एक्सरसाइज से दिल सुरक्षित रहता है?
नहीं, केवल व्यायाम पर्याप्त नहीं है। संतुलित आहार, तनाव नियंत्रण और अच्छी नींद भी जरूरी है ताकि हार्ट अटैक के रिस्क को कम किया जा सके।
4. क्या युवा लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए?
हाँ, आजकल 30–40 वर्ष की उम्र में भी हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। इसलिए कम उम्र से ही स्वस्थ आदतें अपनानी चाहिए।
निष्कर्ष
दिल की सुरक्षा हमारे अपने हाथ में है। रोजमर्रा की छोटी लेकिन सही आदतें — घर का खाना, तनाव मुक्त जीवन, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और नशे से दूरी — मिलकर 60-70% हार्ट अटैक के रिस्क को कम करने में मदद कर सकती हैं।
आज ही अपनी जीवनशैली में बदलाव करें, क्योंकि जागरूकता ही बचाव है और स्वस्थ दिल ही स्वस्थ जीवन की पहचान है।

