हमारा दिल दिन-रात बिना रुके काम करता है और इसमें मौजूद चार वाल्व रक्त के सही प्रवाह को नियंत्रित करते हैं। जब इनमें से कोई वाल्व ठीक से खुल-बंद नहीं होता, तो दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और धीरे-धीरे गंभीर समस्या बन सकती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं, जिसे हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट कहा जाता है। इंदौर के अनुभवी कार्डियक सर्जन डॉ. सुधांशु अग्निहोत्री के अनुसार, समय पर इलाज न किया जाए तो यह समस्या हार्ट फेलियर तक का कारण बन सकती है।
हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट क्यों किया जाता है?
जब वाल्व बहुत ज़्यादा संकुचित (स्टेनोसिस) हो जाए या ठीक से बंद न हो पाए (रीजर्जिटेशन), तो खून का प्रवाह बाधित हो जाता है। इसके कारण सांस फूलना, सीने में दर्द, चक्कर आना, थकान और पैरों में सूजन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। डॉ. सुधांशु अग्निहोत्री बताते हैं कि दवाओं से जब राहत मिलना बंद हो जाए और दिल की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगे, तब सर्जरी ज़रूरी हो जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य दिल को फिर से सामान्य रूप से काम करने में मदद करना है।
हृदय वाल्व रिप्लेसमेंट की औसत आयु क्या है?
वाल्व की आयु इस बात पर निर्भर करती है कि कौन-सा वाल्व लगाया गया है। मैकेनिकल वाल्व आमतौर पर 20–25 साल या उससे भी अधिक समय तक चल सकते हैं, लेकिन इनमें जीवनभर खून पतला करने की दवा लेनी पड़ती है। वहीं, बायोलॉजिकल वाल्व 10–15 साल तक चलते हैं और इनमें लंबे समय तक दवा की ज़रूरत कम होती है। डॉ. सुधांशु जे. अग्निहोत्री के अनुसार, मरीज की उम्र, लाइफस्टाइल और नियमित फॉलो-अप भी वाल्व की उम्र को प्रभावित करते हैं।
हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट के बाद किन खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए?
सर्जरी के बाद डाइट का खास ध्यान रखना बेहद ज़रूरी होता है। अधिक नमक वाला खाना, बहुत ज़्यादा तला-भुना भोजन, प्रोसेस्ड फूड और अत्यधिक मीठी चीज़ों से बचना चाहिए। हरी सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज और हल्का प्रोटीन आहार दिल के लिए बेहतर माना जाता है। अगर मरीज मैकेनिकल वाल्व के साथ ब्लड थिनर ले रहा है, तो विटामिन-K युक्त खाद्य पदार्थों को संतुलन में लेना चाहिए, ताकि दवा का असर सही बना रहे।
इंदौर में हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट का खर्च कितना आता है?
इंदौर में इस सर्जरी का खर्च कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे अस्पताल का प्रकार, वाल्व का चुनाव और मरीज की कुल स्वास्थ्य स्थिति। सामान्य तौर पर यह खर्च लगभग 2.5 लाख से 5 लाख रुपये या उससे अधिक हो सकता है। डॉ. सुधांशु अग्निहोत्री बताते हैं कि सही परामर्श और योजना के साथ मरीज अपने बजट और ज़रूरत के अनुसार इलाज चुन सकता है।
क्या हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट एक ओपन हार्ट सर्जरी है?
अधिकतर मामलों में यह प्रक्रिया ओपन हार्ट सर्जरी के रूप में की जाती है, जिसमें छाती खोलकर खराब वाल्व को बदला जाता है। हालांकि, कुछ चुनिंदा मरीजों में आधुनिक तकनीकों के जरिए कम चीरा लगाकर भी सर्जरी संभव होती है। इंदौर कार्डियक सर्जन, डॉ. सुधांशु अग्निहोत्री का कहना है कि किस तकनीक का उपयोग होगा, यह मरीज की स्थिति और जांच रिपोर्ट पर निर्भर करता है।
हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट के बाद लाइफस्टाइल कैसी होनी चाहिए?
सर्जरी के बाद जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव बेहद अहम होते हैं। नियमित वॉक या हल्की एक्सरसाइज़, डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सही समय पर सेवन, धूम्रपान और शराब से दूरी, और तनाव को कम करना दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। समय-समय पर फॉलो-अप और जांच करवाना भी ज़रूरी है, ताकि वाल्व और दिल की कार्यक्षमता पर नज़र रखी जा सके।
निष्कर्ष
दिल की सेहत को नज़रअंदाज़ करना भारी पड़ सकता है। सही समय पर पहचान और उचित इलाज से मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट केवल एक सर्जरी नहीं, बल्कि नए और बेहतर जीवन की शुरुआत है। अनुभवी कार्डियक सर्जन डॉ. सुधांशु अग्निहोत्री की देखरेख में सही सलाह, आधुनिक तकनीक और सावधानियों के साथ इस उपचार के परिणाम काफी सकारात्मक होते हैं। यदि लक्षण दिखाई दें, तो देर न करें और विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

