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बारिश के मौसम में हार्ट पेशेंट ये 7 गलतियां न करें

बारिश के मौसम में हार्ट पेशेंट ये 7 गलतियां न करें

बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है। विशेष रूप से बारिश के मौसम में हार्ट पेशेंट को अपनी दिनचर्या, खान-पान और दवाइयों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। इस मौसम में बढ़ी हुई नमी, संक्रमण का खतरा, तापमान में बदलाव और अनियमित जीवनशैली हृदय पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है।

यदि आप या आपके परिवार में कोई हृदय रोग से पीड़ित है, तो कुछ सामान्य गलतियों से बचकर गंभीर जटिलताओं का जोखिम कम किया जा सकता है। डॉ. सुधांशु जे. अग्निहोत्री, हार्ट सर्जन इंदौर के अनुसार, बारिश के मौसम में थोड़ी-सी लापरवाही भी कई बार हार्ट पेशेंट्स के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।

1. बारिश के मौसम में हार्ट पेशेंट का खाना-पीना क्या होना चाहिए?

बरसात के मौसम में हार्ट पेशेंट को हल्का, ताजा और संतुलित भोजन करना चाहिए। भोजन में हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, मौसमी फल और कम तेल वाला आहार शामिल करें। अधिक नमक, चीनी और तले हुए खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखें। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पीना भी जरूरी है।

2. बारिश में हार्ट पेशेंट बाहर का खाना क्यों अवॉइड करें?

बरसात के मौसम में बाहर का खाना जल्दी खराब हो सकता है और उसमें बैक्टीरिया या वायरस पनपने का खतरा बढ़ जाता है। दूषित भोजन से फूड पॉइजनिंग, दस्त या उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिससे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। यह स्थिति हृदय रोगियों के लिए जोखिम बढ़ा सकती है। इसलिए बारिश के मौसम में हार्ट पेशेंट को घर का ताजा और स्वच्छ भोजन ही प्राथमिकता देनी चाहिए।

3. बारिश के मौसम में हार्ट पेशेंट पानी उबालकर क्यों पिए?

बारिश के दौरान पानी के दूषित होने की संभावना अधिक रहती है। उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पीने से बैक्टीरिया और वायरस से बचाव होता है। संक्रमण से शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे हृदय की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए स्वच्छ पानी पीना हर हार्ट पेशेंट के लिए एक महत्वपूर्ण आदत है।

4. बरसात के मौसम में हार्ट पेशेंट को एक्सरसाइज करना चाहिए?

हाँ, लेकिन मौसम और स्वास्थ्य के अनुसार। बरसात के मौसम में हार्ट पेशेंट को नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज, योग, स्ट्रेचिंग या घर के अंदर वॉक करनी चाहिए। यदि बाहर फिसलन हो या मौसम खराब हो, तो खुले में व्यायाम करने से बचें। किसी भी नए व्यायाम कार्यक्रम की शुरुआत करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

5. हार्ट पेशेंट को बारिश में ज्यादा भीगने से क्यों बचना चाहिए?

बारिश में लंबे समय तक भीगने से शरीर का तापमान अचानक कम हो सकता है। इससे रक्त वाहिकाओं में संकुचन हो सकता है और ब्लड प्रेशर में बदलाव आ सकता है। इसके अलावा सर्दी, वायरल संक्रमण और फ्लू का खतरा भी बढ़ जाता है, जो हृदय रोगियों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलें और भीगने से बचें।

6. बारिश के मौसम में हार्ट पेशेंट एक्टिव कैसे रहें?

यदि बाहर जाना संभव न हो तो घर के अंदर हल्की वॉक करें, सीढ़ियां सीमित मात्रा में चढ़ें, योग करें या डॉक्टर द्वारा सुझाए गए सरल व्यायाम करें। लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से बचें। हर एक घंटे में कुछ मिनट चलना-फिरना शरीर में रक्त संचार बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। बारिश के मौसम में हार्ट पेशेंट के लिए नियमित गतिविधि हृदय स्वास्थ्य बनाए रखने का अच्छा तरीका है।

7. बारिश के मौसम में हार्ट पेशेंट्स को किन खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए?

इस मौसम में तला-भुना भोजन, फास्ट फूड, अधिक नमक वाले स्नैक्स, प्रोसेस्ड फूड, मिठाइयों का अधिक सेवन और अधिक तेल-मसाले वाले भोजन से बचना चाहिए। साथ ही सड़क किनारे मिलने वाले कटे हुए फल, चाट, गोलगप्पे और अन्य खुले खाद्य पदार्थ संक्रमण का कारण बन सकते हैं। कैफीन और मीठे पेय पदार्थों का सेवन भी सीमित मात्रा में करें।

बारिश के मौसम में हार्ट पेशेंट्स के लिए अतिरिक्त सुझाव

निष्कर्ष

बारिश का मौसम आनंददायक हो सकता है, लेकिन बारिश के मौसम में हार्ट पेशेंट को अपनी सेहत के प्रति अधिक सजग रहने की आवश्यकता होती है। सही खान-पान, स्वच्छ पानी, नियमित हल्की एक्सरसाइज, समय पर दवाइयाँ और संक्रमण से बचाव जैसी छोटी-छोटी सावधानियाँ हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

Cardiac Surgeon Indore, Dr. Sudhanshu J. Agnihotri का कहना है कि यदि हार्ट पेशेंट मौसम के अनुसार अपनी जीवनशैली में आवश्यक बदलाव अपनाएँ और किसी भी असामान्य लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें, तो वे बरसात का मौसम भी सुरक्षित और स्वस्थ तरीके से बिता सकते हैं।

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